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मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने के 9 कारणों के बारे में जाने
मतली उलà¥à¤Ÿà¥€ का à¤à¤• à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ है औेर उलà¥à¤Ÿà¥€ उस à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤«à¤² है। जब किसी को मतली का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है तब उसके दिल का धड़कन बढ़ जाता है, पसीना आने लगता है, मà¥à¤à¤¹ से लार निकलने लगता है, पेट में गड़बड़ी का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होने लगता है।
जबकि उलà¥à¤Ÿà¥€ पेट के विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को मà¥à¤à¤¹ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बाहर निकालने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ जब शरीर में विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ होता है तब मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यह शरीर के बाहर निकलकर शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने में सहायता करता है।
वैसे तो मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ को सामानà¥à¤¯ बीमारी के वरà¥à¤— (group) में रखा जाता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ दवाईयों के पारà¥à¤¶à¥à¤µ-पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के रूप में, संकà¥à¤°à¤®à¤£ और सूजन के कारण उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ दवाईयों को बंद करने या बदलने के कारण या धीरे-धीरे खà¥à¤¦ ही ठीक हो जाता है। लेकिन उलà¥à¤Ÿà¥€ या मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ पेट में गड़बड़ी के कारण, चयापचय (metabolism) में असंतà¥à¤²à¤¨ के कारण, केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥ तंतà¥à¤° (central nervous system) में गड़बड़ी के कारण à¤à¥€ होता है। लेकिन इनके अलावा à¤à¥€ कई और कारण हैं जो उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली जैसे समसà¥à¤¯à¤¾ को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने में सहायक होते हैं-
1. तनाव, à¤à¤¯ और बेचैनी
लकà¥à¤·à¤£: तनाव, à¤à¤¯ और बेचैनी के कारण शरीर की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में असंतà¥à¤²à¤¨à¤¤à¤¾ पैदा हो जाती है, जो पेट में गड़बड़ी का कारण बन जाता है। जिसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤, कबà¥à¤œà¤¼ आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: जब मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सामानà¥à¤¯ हो जाती है तब यह समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ धीरे-धीरे कम होने लगती है। लेकिन लंबे समय तक कोई तनाव में रहने लगेगा तो उलà¥à¤Ÿà¥€ और मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ उसके शरीर में अपना घर बना लेगी।
2. खान-पान में गड़बड़ी
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚- साधारणतः लोग पारà¥à¤Ÿà¥€ या शादी के अवसर पर सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने के लालच में ज़रूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾â€ खा लेते हैं, जिसके कारण गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है। और इसी कारण लोग मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दावत दे बैठते हैं। जिनका किसी कारण सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤† हो या उनका हजम शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर हो तो उनको इस समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना पड़ सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: अगर आपने ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खा लिया है और बदहजमी की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो गई है तो राहत पाने के लिठपà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ चबाकर खा सकते हैं।
3. विषाकà¥à¤¤ खादà¥à¤¦ पदारà¥à¤¥
लकà¥à¤·à¤£: अगर खाना विषाकà¥à¤¤ हो गया है और आपने बिना जाà¤à¤š किठही खा लिया है तो आपको बà¥à¤–ार, पेट में दरà¥à¤¦, दसà¥à¤¤, बेचैनी, मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसे बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: विषाकà¥à¤¤ खाना खाने के कारण शरीर में जल की कमी हो जाती है, इसलिठअधिक मातà¥à¤°à¤¾ में जल पीये। कैफ़ीन, दूध से बनी चीजें, à¤à¤²à¥à¤•ोहल आदि से दूर रहना चाहिà¤à¥¤
4. हैंगओवर होना
लकà¥à¤·à¤£: अगर आपने ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤²à¥à¤•ोहल का सेवन कर लिया है तो सर दरà¥à¤¦ और मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना करना ही पड़ेगा।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤²à¥à¤•ोहल न पीये। à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š सोडा à¤à¤• लीटर पानी में घोलकर पीने से उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाà¤à¤—ी। जिसके फलसà¥à¤µà¤°à¥‚प पेट से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ निकल जाता है।
5. फूड à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और फूड असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾(food intolerance):
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚: सही तरह से खान-पान करने और अपने-अपने फूड संबंधी à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के बारे में अचà¥à¤›à¥€ तरह से जानने से इस तरह से खादà¥à¤¦ पदारà¥à¤¥ खाने से खà¥à¤¦ को बचा सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: सही जानकारी और सही आहार योजना के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आप मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पा सकते हैं।
6. गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ (Pregnancy)
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚: साधारणतः महिलायें जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती हैं तब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। आम तौर पर गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के पहले के अवसà¥à¤¥à¤¾ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है या गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के पूरे नौ महीनों तक à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ रह सकती है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से यह पता चला है कि मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के समय शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण होता है। शरीर में विटामिन बी6 की कमी से à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को उलà¥à¤Ÿà¥€ होने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤-
• जिन महकवाले चीजों से आपको मतली हो रही हैं उनको न खायें
• थोड़े-थोड़े मातà¥à¤°à¤¾ में खायें
• दो मील के बीच में ठंडा पेय जल पीयें
7. दवाई
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚: दवाईयों के कारण à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ पेट में गड़बड़ी हो जाती है जो मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण बन जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: दवाई के कारण यह समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने पर à¤à¤• या दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ में लकà¥à¤·à¤£ चला जाता है। आप खाना खाने के बाद à¤à¤• या दो चमà¥à¤®à¤š à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¤¾à¤¸à¥€à¤¡ लेकर à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पा सकते हैं।
8. माइगà¥à¤°à¥‡à¤¨
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚: सिर के à¤à¥€à¤¤à¤° किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के दबाव से सेरीबà¥à¤°à¥‹-सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² फà¥à¤²à¥‚इड (cerebro-spinal)पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है जिसके कारण मतली या उलà¥à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: आप जहाठà¤à¥€ हो ताजी हवा आनी चाहिà¤à¥¤ रोगी ढीला-ढाला कपड़ा पहने तो आराम महसूस करेगा। ज़रूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी नहीं पीना चाहिà¤à¥¤ अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¤¿à¤° हो जाय तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
9. पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ (gall bladder) और पाचक गà¥à¤°à¤‚थि (pancreas)में सूजन
लकà¥à¤·à¤£: इन दोनों अंगों में सूजन होने पर पेट के ऊपरी à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होता है और मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होने लगती है।
कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤: इस बारे में यही कहना है कि तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
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